कीलॉगर किसका उदाहरण है?
कीलॉगर उपयोगकर्ता द्वारा टाइप की गई हर कुंजी को गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर हमलावर को भेजता है, जो स्पाइवेयर (spyware) का मूल व्यवहार है।
ट्रोजन (trojan) स्वयं को वैध सॉफ़्टवेयर के रूप में छिपाकर उपयोगकर्ता से स्थापित करवाता है, जो कुंजी-रिकॉर्डिंग नहीं बल्कि पहुँचाने की चाल है।
वर्म (worm) स्वयं-प्रतिकृति बनाने वाला मैलवेयर है जो बिना किसी होस्ट प्रोग्राम के नेटवर्क में स्वयं फैलता है।
लॉजिक बम (logic bomb) सुप्त कोड है जो किसी निर्धारित शर्त या तिथि पूरी होने पर ही हानिकारक क्रिया करता है।
कीलॉगर को ट्रोजन द्वारा पहुँचाया जा सकता है, पर आदान (input) की जासूसी करने का इसका कार्य इसे स्पाइवेयर बनाता है।
कीलॉगर सॉफ़्टवेयर के रूप में और कुंजीपटल तथा कंप्यूटर के बीच लगने वाले छोटे हार्डवेयर प्लग के रूप में भी मिलते हैं।
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