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अर्ध-प्रायोगिक अभिकल्प (quasi-experimental design) उन स्थितियों में लागू होता है जहाँ

Aशोधकर्ता का स्वतंत्र चर पर चिरसम्मत अभिकल्प की अपेक्षा कम नियंत्रण होता है
Bचिरसम्मत अभिकल्प व्यवस्थित करना कहीं अधिक सरल होता है
Cकम नियंत्रण और सापेक्ष सरलता दोनों लागू होते हैं ✓ Correct
Dचिरसम्मत अभिकल्प की भाँति पूर्ण यादृच्छिक नियतन होता है
Correct answer: (C) कम नियंत्रण और सापेक्ष सरलता दोनों लागू होते हैं
Explanation

अर्ध-प्रायोगिक अभिकल्प तब लागू होता है जब कम नियंत्रण और व्यवस्था की अधिक सरलता दोनों हों।

स्वतंत्र चर पर केवल कम नियंत्रण आधा ही कारण है।

अभिकल्प की केवल सापेक्ष सरलता आधा ही कारण है।

चिरसम्मत अभिकल्प जैसा पूर्ण यादृच्छिक नियतन ठीक वही है जिसका इसमें अभाव है।

यह तब प्रयुक्त होता है जब सच्चा यादृच्छिकीकरण अव्यावहारिक हो।

यह कुछ आंतरिक वैधता छोड़कर वास्तविक-जगत व्यवहार्यता पाता है।

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