शास्त्रीय भारतीय तर्कशास्त्र (न्याय) के अनुसार, निम्नलिखित कथन में कौन-सा तर्कदोष किया गया है: 'आकाश-कुसुम सुगंधित है, क्योंकि वह पृथ्वी के गुलाब की भाँति एक गुलाब है'?
Aअसाधारण (asadharana)
Bबाधित (badhita)
Cविरुद्ध (viruddha)
Dआश्रयासिद्ध (ashraya-siddha) ✓ Correct
Correct answer: (D) आश्रयासिद्ध (ashraya-siddha)
Explanation
आकाश-कुसुम का तर्क आश्रयासिद्ध (unreal locus) हेत्वाभास करता है।
पक्ष, अर्थात आकाश में उगा गुलाब, बिल्कुल अस्तित्व नहीं रखता।
अनुमान को एक वास्तविक आश्रय चाहिए जिसमें हेतु रह सके।
ऐसा आश्रय न होने से हेतु के पास कार्य करने का कोई स्थान नहीं।
पूर्णतः अविद्यमान पक्ष पर टिका हेतु आश्रयासिद्ध है।
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