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भारतीय तर्कशास्त्र के शास्त्रीय संप्रदाय (न्याय) के अनुसार, अनुमान के निम्नलिखित में से कौन-सा चरण उपनय, अर्थात सार्विक सहचारिता का प्रस्तुत मामले पर अनुप्रयोग, से मेल खाता है?

Aसुकरात मरणशील है
Bक्योंकि वह मनुष्य है
Cजो कोई मनुष्य है वह मरणशील है, जैसे प्लेटो
Dसुकरात एक मनुष्य है जो अनिवार्यतः मरणशील है ✓ Correct
Correct answer: (D) सुकरात एक मनुष्य है जो अनिवार्यतः मरणशील है
Explanation

सुकरात एक मनुष्य है जो अनिवार्यतः मरणशील है, यही उपनय चरण है।

उपनय सार्विक सहचारिता (व्याप्ति) को प्रस्तुत मामले पर लागू करता है।

यह दिखाता है कि उद्देश्य में वह हेतु है जो साध्य से अनिवार्यतः जुड़ा है।

यहाँ सुकरात को मनुष्य बताया गया है, और मनुष्यत्व मरणशीलता से अनिवार्यतः जुड़ा है।

निरा निष्कर्ष, हेतु और उदाहरण-सहित सार्विक कथन अन्य अवयवों को भरते हैं।

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