भारतीय तर्कशास्त्र के शास्त्रीय संप्रदाय (न्याय) के अनुसार, कथन 'पर्वत में अग्नि है क्योंकि वह ज्ञेय है' में कौन-सी भ्रांति की गई है?
Aबाधित (badhita)
Bअनुपसंहारी (anupasamhari)
Cअसाधारण (asadharana)
Dसाधारण (sadharana) ✓ Correct
Correct answer: (D) साधारण (sadharana)
Explanation
यह कथन साधारण हेत्वाभास करता है।
दिया गया हेतु "ज्ञेय" अग्नियुक्त व अग्निरहित दोनों वस्तुओं में है।
ऐसा हेतु सपक्ष और विपक्ष दोनों में उपस्थित रहता है।
विधायक व निषेधक दोनों दृष्टांतों में समान हेतु कुछ सिद्ध नहीं करता।
यह अति-सामान्य, व्यभिचारी हेतु साधारण (सव्यभिचार) हेत्वाभास है।
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