McqkartGet appPractise

नैतिक जीवन मुख्यतः हमारे व्यवहार के अंतर्वैयक्तिक आयाम से संबंधित है। हम पशुओं के साथ, व्यक्तिगत रूप से तथा समूहों में, और अन्य प्रजातियों एवं समग्र पर्यावरण के साथ किस प्रकार व्यवहार करते हैं? यहाँ मुख्य बिंदु यह है कि नैतिकता हमें दूसरों के संपर्क में लाती है और हमसे उस संपर्क की गुणवत्ता पर चिंतन करने को कहती है।

हम स्वयं से पूछने लगते हैं 'क्या मुझे दूसरों के साथ इसी प्रकार व्यवहार करना चाहिए?' 'क्या किसी अन्य को मेरे साथ इसी प्रकार व्यवहार करना चाहिए?' चूँकि हममें अपने अंतर्वैयक्तिक व्यवहार तथा पशुओं के साथ अपने संपर्क पर चिंतन करने की क्षमता है, अतः हममें इस व्यवहार एवं संपर्क का मार्गदर्शन करने के लिए संहिताएँ एवं मानदंड विकसित करने की क्षमता है। जब हम नैतिकता की बात करते हैं, तो हमारा तात्पर्य सद्गुणपूर्ण चारित्रिक विशेषताओं के समुच्चय से, तथा उनके अंतर्निहित नैतिक मानदंडों एवं संहिताओं से होता है। नैतिकता में इस विषय के प्रश्न सम्मिलित हैं कि हमें संबंधों में किस प्रकार आचरण करना चाहिए तथा एक दूसरे के साथ किस प्रकार रहना चाहिए।

नैतिकता हमसे यह विचार करने को कहती है कि हमारे कार्य सही हैं अथवा गलत। यह हमसे यह भी पूछती है कि मनुष्य के उत्कर्ष में सहायक चारित्रिक विशेषताएँ (जैसे सत्यनिष्ठा, ईमानदारी तथा करुणा) हमारे दैनिक जीवन में किस प्रकार भूमिका निभाती हैं। नैतिक मानदंड एवं सिद्धांत समय के साथ तथा विभिन्न संस्कृतियों में विकसित हुए हैं, जैसे सद्भावना वाले विवेकशील व्यक्ति मानवीय संबंधों को देखने का तथा मनुष्य के अपने सर्वोत्तम रूप में आचरण करने का ढंग भी।

बड़े नैतिक प्रश्नों से प्रभावी रूप से निपटने से पूर्व प्रतिदिन नैतिक चिंतन होना चाहिए। जो व्यक्ति वैश्विक मुद्दों पर नैतिक नेतृत्व प्रदान करना चाहता है, उसे इस बात का विशेष उत्तरदायित्व लेना चाहिए कि उसके भीतर—उसकी चेतना के भीतर—क्या चल रहा है, ऐसा न हो कि नेतृत्व का कार्य लाभ के स्थान पर अधिक हानि करे। हम सभी भलाई के लिए नेता बन सकते हैं; यह हमारा चुनाव है।

गद्यांश के अनुसार, एक अच्छे नेता के लिए क्या आवश्यक है?

Aसंसाधन
Bअपने आचरण पर दैनिक चिंतन ✓ Correct
Cउच्च शैक्षिक पृष्ठभूमि
Dआध्यात्मिकता में विश्वास
Correct answer: (B) अपने आचरण पर दैनिक चिंतन
Explanation

एक अच्छे नेता को आचरण पर दैनिक चिंतन चाहिए, अतः यही उत्तर है।

गद्यांश कहता है कि नैतिक चिंतन हर दिन होना चाहिए।

नैतिक नेता को अपने भीतर जो होता है उस पर ध्यान देना चाहिए।

यह दैनिक आत्म-चिंतन अच्छे नेतृत्व का मार्गदर्शन करता है।

अतः यह एक अच्छे नेता हेतु आवश्यक है।

अतः दूसरा विकल्प सही है।

Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.

Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →