ऑनलाइन शिक्षार्थी के समर्थन में शिक्षक (tutor) क्या करते हैं, या क्या करना चाहिए? कुछ ने शिक्षक की भूमिका का वर्णन करने हेतु विशेष रूपकों: जैसे संचालक (moderator), मार्गदर्शक (mentor) या सुविधादाता (facilitator): को अपनाकर इसका अन्वेषण और स्पष्टीकरण करने का प्रयास किया है।
ये पद ऑनलाइन शिक्षक के रूप में हमारे व्यवहार का मार्गदर्शन करने में मूल्यवान हैं, पर इनका मुख्य बल हमें पीछे हटने की चेतावनी देना है। प्रमाण यह है कि शिक्षक द्वारा ट्यूटोरियल-चर्चा में बहुत अधिक या अनुपयुक्त योगदान छात्रों के योगदान को बाधित कर सकता है। सुविधादाता और संचालक की अलंकारिकता छात्रों को मुक्त करने और उन्हें अपने अधिगम में भाग लेने हेतु सशक्त करने के कर्तव्य की बात करती है।
इसमें समालोचनात्मक शिक्षण-शास्त्र की ध्वनि है, जो शिक्षक के अधिकार को हटाकर शिक्षक और शिक्षार्थी को शैक्षिक प्रयास में समान प्रतिभागी बनाना चाहती है। तथापि, समानता के ऐसे दावे अंततः खोखले सिद्ध होंगे, जब मूल्यांकन की अनिवार्यता अपना कुरूप सिर उठाती है। इससे भी बुरा यह तथ्य है कि ये सूत्रीकरण हमें बताते हैं कि हमें क्या नहीं करना चाहिए पर इस बारे में मौन रहते हैं कि हमें क्या करना चाहिए।
यदि ऑनलाइन शिक्षक केंद्र-मंच से हट जाए और अपनी बुद्धिमत्ता के कुछ विचार का त्याग कर दे, तो ऑनलाइन शिक्षार्थी के मार्गदर्शन में योगदान हेतु कौन-सी भूमिकाएँ ली जा सकती हैं? यहाँ विरोधाभास हैं।
अनुच्छेद के अनुसार, यह अनुच्छेद किसका विश्लेषण है?
अनुच्छेद ऑनलाइन शिक्षण के विरोधाभासों का विश्लेषण करता है, अतः यही उत्तर है।
यह जाँचता है कि ऑनलाइन शिक्षकों को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए।
यह पीछे हटने और फिर भी शिक्षार्थियों का मार्गदर्शन करने के बीच तनाव दिखाता है।
यह यह कहकर समाप्त होता है कि यहाँ विरोधाभास हैं।
अतः पूरा अनुच्छेद ऑनलाइन शिक्षण के विरोधाभासों का विश्लेषण है।
यह पारंपरिक प्रणाली, मूल्यांकन या व्यावसायिक शिक्षा के बारे में नहीं है।
अतः उत्तर ऑनलाइन शिक्षण के विरोधाभास है।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →