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"जीवित देवदत्त या तो अपने घर में है या अन्यत्र। जीवित देवदत्त अपने घर में नहीं है। अतः जीवित देवदत्त अन्यत्र है।" यह किस प्रकार के प्रमाण का उदाहरण है?

Aप्रत्यक्ष तथा अनुमान (Pratyaksha and Anumana)
Bउपमान (Upamana)
Cशब्द (Shabda)
Dअर्थापत्ति (Arthapatti) ✓ Correct
Correct answer: (D) अर्थापत्ति (Arthapatti)
Explanation

जीवित देवदत्त घर में न होने पर अवश्य बाहर होगा, यह प्रकल्पना अर्थात अर्थापत्ति (implication) से ज्ञात होता है।

दो तथ्य दिए गए हैं: वह जीवित है, तथा वह घर में नहीं है।

जीवित व्यक्ति को प्रत्येक क्षण कहीं न कहीं अवश्य होना चाहिए।

ये तथ्य तब तक संगत नहीं हो सकते जब तक उसे अन्यत्र न मान लिया जाए।

यह मान्यता प्रत्यक्ष या अनुमान से नहीं, अपितु आवश्यक कल्पना से प्राप्त होती है।

दिए गए तथ्यों को संगत बनाने वाले अनदेखे तथ्य को मान लेना ही अर्थापत्ति है।

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