निम्नलिखित में से नाभिकीय अपशिष्ट के निपटान हेतु कौन अधिक उपयुक्त है?
गहरी नमक की खानें नाभिकीय अपशिष्ट निपटान हेतु अधिक उपयुक्त हैं क्योंकि स्थिर, शुष्क शैल-लवण रेडियोधर्मिता को बंद कर देता है तथा भूवैज्ञानिक रूप से अविचलित रहता है।
मरुस्थल सतह पर खुले होते हैं तथा रिसाव या मानव हस्तक्षेप के विरुद्ध कोई स्थायी परिरोधन नहीं देते।
वन सजीव पारिस्थितिकी तंत्र हैं जहाँ दबा अपशिष्ट वन्यजीव, मृदा तथा भूजल को संकट में डालेगा।
महासागर रेडियोधर्मी पदार्थ को व्यापक रूप से फैलने देंगे तथा समुद्री खाद्य शृंखलाओं को दूषित करेंगे।
नमक संरचनाएँ किसी भी दरार को स्वयं बंद कर देती हैं तथा लाखों वर्षों से शुष्क एवं स्थिर बनी हुई हैं।
इसी कारण दीर्घकालिक भंडारण हेतु नमक या गहरी शैल में भूवैज्ञानिक भंडारगृहों को प्राथमिकता दी जाती है।
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