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एक अनुभववादी (empiricist) मानता है कि

Aप्राकृतिक विज्ञान की विधियाँ सामाजिक विज्ञान अनुसंधान पर लागू नहीं होनी चाहिए
Bसामाजिक विज्ञान की विधियाँ प्राकृतिक विज्ञानों में लागू नहीं हो सकतीं
Cज्ञान हमारी इंद्रिय-अनुभूतियों (sensory perceptions) से अर्जित होता है ✓ Correct
Dकोई भी ज्ञान वास्तविक नहीं है
Correct answer: (C) ज्ञान हमारी इंद्रिय-अनुभूतियों (sensory perceptions) से अर्जित होता है
Explanation

अनुभववादी मानता है कि वास्तविक ज्ञान हमारी इंद्रिय-अनुभूतियों और अनुभव से अर्जित होता है।

यह विचार कि प्राकृतिक विज्ञान की विधियाँ सामाजिक विज्ञान पर लागू न हों, एक व्याख्यात्मक, प्रकृतिवाद-विरोधी रुख दर्शाता है।

यह दावा कि सामाजिक विज्ञान की विधियाँ प्राकृतिक विज्ञान में नहीं आ सकतीं, ज्ञान संबंधी अनुभववादी मत से असंबद्ध है।

यह मत कि कोई ज्ञान वास्तविक नहीं, अत्यंत संशयवाद है, जो अनुभववाद के विपरीत है।

अनुभववाद ज्ञान का स्रोत प्रेक्षण में खोजता है, न कि जन्मजात बुद्धि या अंतर्ज्ञान में।

जॉन लॉक (John Locke) और डेविड ह्यूम (David Hume) अनुभववादी परंपरा के प्रमुख दार्शनिक हैं।

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