अनेकांतवाद किसका केंद्रीय विषय है?
Aबौद्ध धर्म
Bजैन धर्म ✓ Correct
Cइस्लाम
Dहिंदू धर्म
Correct answer: (B) जैन धर्म
Explanation
अनेकांतवाद जैन धर्म का केंद्रीय विषय है।
इस पद का अर्थ है अनेक-पक्षता या बहु-आयामों का सिद्धांत।
यह मानता है कि वास्तविकता के अनेक पहलू हैं और कोई एक दृष्टि उसे पूर्णतः नहीं पकड़ती।
प्रत्येक निर्णय किसी विशेष दृष्टिकोण, अर्थात नय, से ही सत्य होता है।
सत्य की यह बहु-पक्षीय दृष्टि जैन दर्शन की पहचान है।
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