पेयजल में क्लोरीन का उपयोग निम्नलिखित में से किसके लिए किया जाता है?
1.कीटाणुशोधन (disinfection)
2.कठोरता हटाना
3.गंध उपचार
4.मलिनता नियंत्रण
5.लोहा और मैंगनीज हटाना
Aकेवल 1, 3 और 5 ✓ Correct
Bकेवल 1, 2 और 3
Cकेवल 1, 4 और 5
Dकेवल 3, 4 और 5
Correct answer: (A) केवल 1, 3 और 5
Explanation
पेयजल में क्लोरीन मुख्यतः कीटाणुनाशक के रूप में कार्य करता है, और गंध उपचार तथा लोहा व मैंगनीज हटाने में भी सहायक है।
कथन 1 सही है, क्योंकि क्लोरीन आपूर्ति में जीवाणु और वायरस मारता है।
कथन 3 सही है, क्योंकि क्लोरीन स्वाद और गंध पैदा करने वाले यौगिकों का ऑक्सीकरण करता है।
कथन 5 सही है, क्योंकि क्लोरीन घुले लोहे और मैंगनीज का ऑक्सीकरण कर हटाने योग्य ठोस में बदलता है।
कथन 2 गलत है, क्योंकि कैल्शियम और मैग्नीशियम से आई कठोरता क्लोरीन से नहीं, मृदुकरण से घटती है।
कथन 4 गलत है, क्योंकि मलिनता क्लोरीन के बजाय स्कंदन और निस्पंदन से नियंत्रित होती है।
पुनः संदूषण से रक्षा हेतु नेटवर्क में थोड़ा अवशिष्ट क्लोरीन स्तर बनाए रखा जाता है।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →