निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1.ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा होता है क्योंकि पोषी स्तरों के बीच ऊर्जा ऊष्मा के रूप में खोती है
2.जैवभार का पिरामिड उलटा हो सकता है, जैसे तालाब में जहाँ पादपप्लवक का जैवभार छोटी मछलियों से कम होता है
Aकथन 1 और 2 सत्य हैं ✓ Correct
Bकेवल कथन 1 सत्य है
Cकेवल कथन 2 सत्य है
Dदोनों कथन असत्य हैं
Correct answer: (A) कथन 1 और 2 सत्य हैं
Explanation
दोनों कथन सत्य हैं, इसलिए ऊर्जा-पिरामिड और उलटा हो सकने वाला जैवभार-पिरामिड एक साथ ठहरते हैं।
कथन 1 सही है, क्योंकि ऊर्जा-पिरामिड सदैव सीधा होता है क्योंकि हर पोषी स्तर पर ऊर्जा ऊष्मा के रूप में खोती है।
कथन 2 सही है, क्योंकि जैवभार-पिरामिड उलट सकता है, जैसे तालाब जहाँ पादपप्लवक का भार उन मछलियों से कम होता है जिन्हें वह पोषित करता है।
छोटे उत्पादकों का तीव्र प्रतिस्थापन बताता है कि कम खड़ा जैवभार भी बड़े उपभोक्ताओं को कैसे सँभालता है।
दोनों स्थितियाँ सीधे इसी से निकलती हैं कि ऊर्जा और पदार्थ पोषी स्तरों में कैसे चलते हैं।
औसतन एक पोषी स्तर से अगले तक केवल लगभग दसवाँ भाग ऊर्जा जाती है।
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