निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1.जल में उच्च शैवाल-मात्रा दर्शाती है कि जल प्रदूषण से प्रभावित है
2.सायनोबैक्टीरिया अलवण जल में सुपोषण के प्रमुख संकेतक हैं, क्योंकि उनके प्रस्फुटन उच्च-पोषक जल में होते हैं
Aकथन 1 और 2 दोनों सत्य हैं ✓ Correct
Bकेवल कथन 1 सत्य है
Cकेवल कथन 2 सत्य है
Dन तो कथन 1 और न ही कथन 2 सत्य है
Correct answer: (A) कथन 1 और 2 दोनों सत्य हैं
Explanation
दोनों कथन सत्य हैं: सघन शैवाल-वृद्धि प्रदूषित जल का संकेत देती है, और सायनोबैक्टीरिया अलवण जल में सुपोषण का प्रमुख संकेतक हैं।
कथन 1 सही है: प्रचुर शैवाल पोषक-समृद्ध, प्रदूषण-प्रभावित जल को दर्शाते हैं।
कथन 2 सही है: सायनोबैक्टीरिया वहाँ प्रस्फुटित होते हैं जहाँ पोषक-स्तर उच्च होता है, जो सुपोषण को इंगित करता है।
ये प्रस्फुटन खेतों और मल-जल से नाइट्रोजन और फ़ॉस्फ़ोरस के प्रवाह के बाद होते हैं।
सघन प्रस्फुटन प्रकाश रोकते हैं और सड़ने पर जल से ऑक्सीजन निकाल देते हैं।
कुछ सायनोबैक्टीरिया मनुष्यों और पशुओं के लिए हानिकारक विष भी छोड़ते हैं।
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