प्रायोगिक अनुसंधान के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। इनमें से कौन लागू होते हैं?
1.शोधकर्ता प्रतिभागियों को समूहों में यादृच्छिक रूप से नियत करते हैं
2.वे बाह्य चरों (extraneous variables) पर नियंत्रण देते हैं ताकि परिणामों पर स्वतंत्र चर के प्रभाव को पृथक किया जा सके
3.उपचार-दशाओं का भौतिक रूप से हेरफेर किया जा सकता है
4.समूहों की सांख्यिकीय तुलना होती है
5.प्रयोग को इस प्रकार अभिकल्पित किया जाता है कि आंतरिक और बाह्य वैधता के खतरे कम हों
A1, 2, 3 और 4
B2, 3, 4 और 5
C1, 3, 4 और 5
Dउपर्युक्त सभी ✓ Correct
Correct answer: (D) उपर्युक्त सभी
Explanation
यादृच्छिक नियतन, बाह्य चरों का नियंत्रण, हेरफेर, सांख्यिकीय तुलना और वैधता-रक्षा सभी प्रयोगों पर लागू हैं।
प्रतिभागियों को समूहों में यादृच्छिक नियतन आरंभ में उन्हें संतुलित करता है।
बाह्य चरों का नियंत्रण स्वतंत्र चर के प्रभाव को पृथक करता है।
उपचार-दशाओं का शोधकर्ता द्वारा भौतिक हेरफेर किया जा सकता है।
समूहों की सांख्यिकीय तुलना होती है, और अभिकल्प आंतरिक तथा बाह्य वैधता की रक्षा करता है।
ये विशेषताएँ मिलकर प्रयोगों को कारणात्मक दावों का समर्थन देने देती हैं।
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