McqkartGet appPractise

मात्रात्मक अनुसंधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। इनमें से कौन लागू होते हैं?

1.बंद प्रश्न और उत्तर-कोटियाँ पहले से तैयार की जाती हैं
2.प्रतिदर्श को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधिक बनाया जाता है
3.विश्लेषण का समय आँकड़ा-संग्रह के बाद होता है
4.मानक सांख्यिकीय विधियाँ प्रायः प्रयुक्त होती हैं
5.पूर्व-निगमित (a-priori) सिद्धांतों को क्रियान्वित कर आँकड़ों पर परखा जाता है
A1, 2 और 5
B2, 3 और 4
C1, 2, 3 और 5
D1, 2, 3, 4 और 5 ✓ Correct
Correct answer: (D) 1, 2, 3, 4 और 5
Explanation

मात्रात्मक अनुसंधान में बंद प्रश्न और उत्तर-कोटियाँ पहले से तैयार की जाती हैं ताकि उत्तर एकरूप और गणनीय रहें।

यह जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधिक प्रतिचयन करता है ताकि संख्यात्मक निष्कर्षों का सामान्यीकरण हो सके।

विश्लेषण पूरे आँकड़ा-संग्रह के बाद होता है, गुणात्मक की सतत व्याख्या के विपरीत।

मानक सांख्यिकीय विधियाँ संख्यात्मक आँकड़ों का सारांश और परीक्षण करती हैं।

पूर्व-निगमित सिद्धांतों को क्रियान्वित कर परखा जाता है, जो इसके निगमनात्मक तर्क को दर्शाता है।

मात्रात्मक कार्य वस्तुनिष्ठता, बड़े प्रतिदर्श और मापनीय चरों पर बल देता है।

Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.

Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →