कथन पर विचार कीजिए: 'ब्रह्मांड की सभी परिघटनाएँ नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण हैं। अतः हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि चीनियों के लिए ब्रह्मांड एक नैतिक ब्रह्मांड है।' उपर्युक्त कथन में कौन-सा अनौपचारिक तर्कदोष किया गया है?
Aफिसलन ढाल (slippery slope)
Bप्रश्न को ही मान लेना (begging the question)
Cशीघ्र सामान्यीकरण (hasty generalisation)
Dसंघटन का तर्कदोष (fallacy of composition) ✓ Correct
Correct answer: (D) संघटन का तर्कदोष (fallacy of composition)
Explanation
यह तर्क संघटन का तर्कदोष (fallacy of composition) करता है।
यह प्रत्येक परिघटना के नैतिक मूल्य धारण करने से पूरे ब्रह्मांड के नैतिक होने तक जाता है।
व्यष्टि भागों का गुण समूचे पूर्ण पर आरोपित कर दिया जाता है।
जो प्रत्येक भाग पर सत्य है, वह पूरे समुच्चय पर एक इकाई रूप में सत्य होना आवश्यक नहीं।
इस प्रकार भागों से पूर्ण की ओर तर्क करना ही संघटन का तर्कदोष है।
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