प्राक्कल्पना रचना हेतु मानदंड हैं:
एक सुदृढ़ परिकल्पना केवल एक मामले का वर्णन करती है, संबंधित किए जाने वाले चरों को विनिर्दिष्ट करती है, स्पष्ट व सुनिश्चित रहती है व आनुभविक रूप से जांच योग्य होती है, अतः कथन 1, 3, 4 व 5 सही हैं।
कथन 2, कि इसे अनेक मामलों का वर्णन करना चाहिए, गलत है क्योंकि परिकल्पना संकीर्ण व एकल संबंध पर केंद्रित होनी चाहिए।
केवल एक मामले का वर्णन परिकल्पना को स्पष्ट रखता है व एक साथ कई संबंधों के घालमेल से बचाता है।
चरों को विनिर्दिष्ट करना अपेक्षित संबंध को स्पष्ट कर अभिकल्प को दिशा देता है।
स्पष्ट व सुनिश्चित होना परिकल्पना को प्रचालनीय व मापन योग्य बनाता है।
आनुभविक जांच योग्यता का अर्थ है कि परिकल्पना प्रेक्षित आंकड़ों से समर्थित या खंडित हो सके।
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