सामाजिक-धार्मिक आंदोलनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन सही हैं? नीचे दिए विकल्पों से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए।
1.ब्रिटिश विजय और उससे उपजे औपनिवेशिक विचारधारा के प्रसार ने स्वदेशी संस्कृति और संस्थाओं पर अपरिहार्य आत्मनिरीक्षण को जन्म दिया।
2.उन्नीसवीं शताब्दी के भारत में सामाजिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण औपनिवेशिक उपस्थिति से उत्पन्न हुआ, किंतु उसके द्वारा रचा नहीं गया।
3.सुधार आंदोलन प्रेरणा में प्रबल रूप से अमानवतावादी था; परलोक और मोक्ष के विचार उनके एजेंडे का भाग थे।
4.सैयद अहमद खान ने समाज की प्रगति में धर्म की भूमिका पर बल दिया: यदि धर्म समय की माँगों के साथ नहीं चलता, तो वह जड़ हो जाता।
Aकेवल 1, 3 और 4
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1, 2 और 4
Dकेवल 3 और 4
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