नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए।
Statement I:अरस्तूवादी न्यायवाक्य (Aristotelian syllogism) केवल आगमनात्मक और औपचारिक है।
Statement II:न्याय न्यायवाक्य (Nyaya syllogism) निगमनात्मक-आगमनात्मक तथा औपचारिक-भौतिक है।
Aकथन I और कथन II दोनों सही हैं
Bकथन I और कथन II दोनों गलत हैं
Cकथन I सही है परंतु कथन II गलत है
Dकथन I गलत है परंतु कथन II सही है ✓ Correct
Correct answer: (D) कथन I गलत है परंतु कथन II सही है
Explanation
कथन 1 गलत है जबकि कथन 2 सही है।
अरस्तूवादी न्यायवाक्य निगमनात्मक और औपचारिक है, आगमनात्मक नहीं।
अतः इसे केवल आगमनात्मक कहना कथन 1 को असत्य बनाता है।
न्याय न्यायवाक्य निगमन को आगमन से तथा रूप को भौतिक (matter) से जोड़ता है।
कथन 2 इसे उचित ही निगमनात्मक-आगमनात्मक तथा औपचारिक-भौतिक कहता है।
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