नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही उत्तर चुनिए।
Statement I:औपचारिक भ्रांतियाँ वे हैं जिन्हें केवल तर्कों की विषयवस्तु के विश्लेषण से पहचाना जा सकता है।
Statement II:औपचारिक भ्रांतियाँ उन निगमनात्मक तर्कों से संबंधित हैं जिनके रूप पहचाने जा सकते हैं।
Aकथन I और कथन II दोनों सही हैं
Bकथन I और कथन II दोनों गलत हैं
Cकथन I सही है परंतु कथन II गलत है
Dकथन I गलत है परंतु कथन II सही है ✓ Correct
Correct answer: (D) कथन I गलत है परंतु कथन II सही है
Explanation
यह दावा कि औपचारिक भ्रांतियों के लिए विषयवस्तु का विश्लेषण चाहिए, गलत है, जबकि दूसरा दावा सही है।
औपचारिक भ्रांति केवल तर्क के ढाँचे या रूप का निरीक्षण करके पहचानी जाती है, उसकी विषयवस्तु से नहीं।
विषयवस्तु का विश्लेषण अनौपचारिक भ्रांतियों के लिए आवश्यक है, औपचारिक के लिए नहीं।
औपचारिक भ्रांतियाँ उन्हीं निगमनात्मक तर्कों की होती हैं जिनके रूप स्पष्ट रूप से रखे और जाँचे जा सकते हैं।
अतः कथन 1 औपचारिक भ्रांतियों की पहचान को गलत बताता है, जबकि कथन 2 सटीक है।
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