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नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही उत्तर चुनिए।

Statement I:मात्रात्मक शोध निष्कर्षों की सामान्यीकरण-योग्यता पर बल देता है।
Statement II:प्रायिकता प्रतिचयन एक प्रतिनिधि प्रतिदर्श उत्पन्न नहीं करता।
Aकथन I और कथन II दोनों सत्य हैं
Bकथन I और कथन II दोनों असत्य हैं
Cकथन I सत्य है परंतु कथन II असत्य है ✓ Correct
Dकथन I असत्य है परंतु कथन II सत्य है
Correct answer: (C) कथन I सत्य है परंतु कथन II असत्य है
Explanation

मात्रात्मक शोध वास्तव में सामान्यीकरण-योग्यता पर बल देता है, अतः कथन 1 सही है, जबकि प्रायिकता प्रतिचयन प्रतिनिधि प्रतिदर्श देता है, अतः कथन 2 विफल है।

संख्यात्मक मापन और बड़े प्रतिदर्श मात्रात्मक निष्कर्षों को व्यापक जनसंख्या पर प्रक्षेपित करने देते हैं।

प्रायिकता प्रतिचयन प्रत्येक इकाई को ज्ञात शून्येतर अवसर देता है, जो प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।

कथन 2 इसी गुण का निषेध कर देता है जिसे प्रदान करने हेतु प्रायिकता प्रतिचयन बना है।

एक कथन सत्यापित और दूसरा खंडित होने पर दोनों-सत्य या दोनों-असत्य निर्णय नहीं टिकता।

प्रतिनिधित्व प्रतिचयन-त्रुटि घटाता और बाह्य वैधता सुदृढ़ करता है।

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