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नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही उत्तर चुनिए।

Statement I:नैयायिक अनुमितीय संज्ञान का एक मनोवैज्ञानिक विवरण देते हैं।
Statement II:नैयायिकों हेतु, अनुमान की तार्किक संरचना यह नहीं दर्शाती कि हमें कैसे अनुमान करना चाहिए, बल्कि यह कि वस्तुतः हम कैसे अनुमान करते हैं।
Aकथन I और कथन II दोनों सत्य हैं ✓ Correct
Bकथन I और कथन II दोनों असत्य हैं
Cकथन I सत्य है परंतु कथन II असत्य है
Dकथन I असत्य है परंतु कथन II सत्य है
Correct answer: (A) कथन I और कथन II दोनों सत्य हैं
Explanation

दोनों कथन न्याय के अनुमितीय संज्ञान (inferential cognition) के विवरण का सही वर्णन करते हैं।

नैयायिक अनुमान को संज्ञान की एक वास्तविक घटना मानकर विश्लेषित करते हैं, अतः मनोवैज्ञानिक विवरण देते हैं।

उनकी रुचि इसमें है कि संज्ञान वस्तुतः आधार-वाक्यों से अनुमितीय ज्ञान तक कैसे बढ़ता है।

उनकी अनुमान की तार्किक संरचना वास्तविक अनुमान का वर्णन है, कोई आदर्शमूलक विधान नहीं।

चूँकि दोनों वर्णन न्याय-स्थिति से मेल खाते हैं, दोनों कथन सत्य हैं।

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