McqkartGet appPractise

नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए।

Statement I:न्याय दर्शन में तर्क सुस्थापित विषयों पर आगे नहीं बढ़ता।
Statement II:न्याय दर्शन में तर्क केवल पूर्णतः और नितांत अज्ञात विषयों पर ही आगे बढ़ सकता है।
Aकथन I और कथन II दोनों सही हैं
Bकथन I और कथन II दोनों गलत हैं
Cकथन I सही है परंतु कथन II गलत है ✓ Correct
Dकथन I गलत है परंतु कथन II सही है
Correct answer: (C) कथन I सही है परंतु कथन II गलत है
Explanation

न्याय तर्क संदेहास्पद विषयों पर कार्य करता है, सुस्थापित पर नहीं।

पहले से निर्णीत विषय को तर्क की आवश्यकता नहीं, अतः उस पर तर्क आगे नहीं बढ़ता (कथन 1 सही है)।

फिर भी विषय पूर्णतः अज्ञात भी नहीं हो सकता, क्योंकि संदेह के लिए एक पक्ष प्रस्तुत होना चाहिए।

तर्क ठीक वहीं आगे बढ़ता है जहाँ किसी ज्ञात विषय पर वास्तविक संदेह हो।

अतः विषय के नितांत अज्ञात होने की माँग असत्य है (कथन 2 विफल है)।

Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.

Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →