नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही उत्तर चुनिए।
Statement I:प्राकृतिक अपरदन एक प्राकृतिक प्रक्रिया द्वारा ऊपरी मृदा का क्रमिक निष्कासन है।
Statement II:त्वरित अपरदन मानव-निर्मित गतिविधियों से होता है, और इसकी दर मृदा निर्माण की दर के बराबर है।
Aकथन I और कथन II दोनों सत्य हैं
Bकथन I और कथन II दोनों असत्य हैं
Cकथन I सत्य है परंतु कथन II असत्य है ✓ Correct
Dकथन I असत्य है परंतु कथन II सत्य है
Correct answer: (C) कथन I सत्य है परंतु कथन II असत्य है
Explanation
प्राकृतिक अपरदन पवन और जल द्वारा ऊपरी मृदा का धीमा, सतत निष्कासन है, अतः कथन 1 सत्य है।
यह मोटे तौर पर प्राकृतिक मृदा निर्माण के संतुलित गति से चलता है, जिससे मृदा परिच्छेदिका स्थिर रहती है।
कथन 2 असत्य है क्योंकि मानव गतिविधि से चालित त्वरित अपरदन मृदा निर्माण की दर से कहीं अधिक तेज़ होता है।
जब अपरदन निर्माण से आगे निकल जाता है, तो उपजाऊ ऊपरी मृदा पुनर्निर्माण से तेज़ी से नष्ट होती है।
जुताई, अति-चराई और वनोन्मूलन त्वरित अपरदन के सामान्य कारक हैं।
यह असंतुलन विश्व भर में भूमि अवक्रमण का एक प्रमुख कारण है।
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