नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
Statement I:मीमांसक तथा वेदांती नैयायिकों से सहमत हैं कि न्यायवाक्य (syllogism) में पाँच अवयव या कथन होते हैं
Statement II:मीमांसक तथा वेदांती नैयायिकों से सहमत हैं कि न्यायवाक्य केवल परार्थानुमान (दूसरों के लिए अनुमान) हेतु आवश्यक है, न कि स्वार्थानुमान (स्वयं के लिए अनुमान) हेतु
Aकथन I तथा कथन II दोनों सही हैं
Bकथन I तथा कथन II दोनों गलत हैं
Cकथन I सही है परंतु कथन II गलत है
Dकथन I गलत है परंतु कथन II सही है ✓ Correct
Correct answer: (D) कथन I गलत है परंतु कथन II सही है
Explanation
कथन 1 असत्य है जबकि कथन 2 सत्य है।
पाँच अवयवों वाला न्यायवाक्य नैयायिकों का अपना निदर्शन-दृष्टिकोण है।
मीमांसक तथा वेदांती मानते हैं कि केवल तीन अवयव आवश्यक हैं, पाँच नहीं।
अतः यह कहना गलत है कि वे पाँच अवयवों पर नैयायिकों से सहमत हैं।
ये सभी संप्रदाय इस पर सहमत हैं कि न्यायवाक्य परार्थानुमान (दूसरों के लिए अनुमान) हेतु कार्य करता है।
स्वार्थानुमान (स्वयं के लिए अनुमान) हेतु ऐसे औपचारिक कथन की आवश्यकता नहीं, अतः कथन 2 टिकता है।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →