नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक अभिकथन (A) और दूसरा कारण (R)। सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए।
Assertion (A):प्रतिष्ठित भारतीय तर्क-दर्शन, अर्थात न्याय, आगमनात्मक विधियों का पृथक विवेचन नहीं करता।
Reason (R):न्याय के अनुसार, सार्वभौम तर्कवाक्य प्रत्यक्ष से ही, अलौकिक प्रत्यक्ष (extra-ordinary perception) के किसी रूप द्वारा प्राप्त होते हैं।
AA और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓ Correct
BA और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
CA सही है, परंतु R सही नहीं है
DA सही नहीं है, परंतु R सही है
Correct answer: (A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
Explanation
दोनों कथन सही हैं तथा कारण, अभिकथन की व्याख्या करता है।
न्याय अनुमान को एक ही प्रक्रिया मानता है और आगमनात्मक विधियों का कोई पृथक विवेचन नहीं देता।
कारण कहता है कि सार्वभौम तर्कवाक्य प्रत्यक्ष से ही, सामान्यलक्षण अर्थात अलौकिक प्रत्यक्ष के एक रूप, द्वारा प्राप्त होते हैं।
यदि व्याप्ति ऐसे प्रत्यक्ष में सीधे ग्रहण हो जाती है, तो उसे स्थापित करने हेतु किसी पृथक आगमनात्मक प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं।
ठीक इसी कारण न्याय आगमन का पृथक विवेचन नहीं देता, अतः कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।
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