"मैं इस पर विश्वास ही नहीं कर सकता! सुरेश दोषी नहीं हो सकता क्योंकि श्री सुरेश किसी की हत्या कर ही नहीं सकते।" उपर्युक्त तर्क में कौन-सी भ्रांति की गई है?
Aफिसलन ढाल (slippery slope)
Bप्रश्न को ही मान लेना (begging the question) ✓ Correct
Cव्यक्ति पर आक्षेप (ad hominem)
Dअनेकार्थता (equivocation)
Correct answer: (B) प्रश्न को ही मान लेना (begging the question)
Explanation
यह तर्क प्रश्न को ही मान लेना (begging the question) करता है।
निष्कर्ष यह है कि सुरेश दोषी नहीं हो सकता।
कारण यह है कि सुरेश किसी की हत्या कर ही नहीं सकता।
वह कारण मात्र निर्दोषिता के निष्कर्ष को दोहराता है।
सिद्ध किए जाने वाले को पूर्वमान लेना प्रश्न-भिक्षा है।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →