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निम्नलिखित तर्क में की गई भ्रांति पहचानिए: 'मेरे प्रतिद्वंद्वी ने अपने करों में धोखाधड़ी की। उसने एक अवैध प्रवासी को आया के रूप में रखा। कर सुधारों पर उसके विचारों पर बस विश्वास नहीं किया जा सकता।'

Aअनुपयुक्त प्राधिकार (inappropriate authority)
Bव्यक्ति-आक्षेप (ad hominem) ✓ Correct
Cअज्ञान की दुहाई (appeal to ignorance)
Dप्रश्न-भिक्षा (begging the question)
Correct answer: (B) व्यक्ति-आक्षेप (ad hominem)
Explanation

यह तर्क व्यक्ति-आक्षेप (ad hominem) है।

यह कर सुधार पर प्रतिद्वंद्वी के विचारों को उसके निजी दुष्कर्म गिनाकर नकारता है।

कर-धोखाधड़ी व अवैध आया रखना चरित्र से संबद्ध हैं, सुधारों से नहीं।

किसी पक्ष की सत्यता उसके धारक के आचरण से स्वतंत्र होती है।

दावे के बजाय व्यक्ति पर आक्रमण ही व्यक्ति-आक्षेप भ्रांति है।

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