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'यदि मृत्युदंड वास्तव में लोगों को गंभीर अपराध करने से रोकता, तो यह न्यायसंगत होता। परंतु चूँकि इसका वह निवारक प्रभाव नहीं है, यह एक न्यायसंगत प्रथा नहीं है।' उपर्युक्त तर्क में कौन-सी औपचारिक भ्रांति की गई है?

Aपरिणामी की पुष्टि (affirming the consequent)
Bअवितरित मध्य (undistributed middle)
Cअस्तित्ववादी भ्रांति (existential fallacy)
Dपूर्ववर्ती का निषेध (denying the antecedent) ✓ Correct
Correct answer: (D) पूर्ववर्ती का निषेध (denying the antecedent)
Explanation

यह तर्क पूर्ववर्ती का निषेध (denying the antecedent) करता है।

इसका रूप है: यदि मृत्युदंड अपराध रोकता (P), तो यह न्यायसंगत होता (Q)।

दूसरा आधार-वाक्य not-P कहता है, कि इसका निवारक प्रभाव नहीं है।

not-P से यह not-Q निकालता है, कि यह न्यायसंगत नहीं।

P का निषेध not-Q सिद्ध नहीं कर सकता, क्योंकि Q अन्य आधारों पर ठहर सकता है।

सोपाधिक व not-P से not-Q निकालना पूर्ववर्ती का निषेध है।

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