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यदि स्नेहा ने परीक्षा उत्तरपुस्तिका से छेड़छाड़ की, तो वह अपराध की दोषी है। स्नेहा ने परीक्षा उत्तरपुस्तिका से छेड़छाड़ नहीं की। अतः स्नेहा अपराध की दोषी नहीं है। उपर्युक्त तर्क में कौन-सी भ्रांति की गई है?

Aपूर्ववर्ती की पुष्टि की भ्रांति
Bसंघटन की भ्रांति (composition)
Cपूर्ववर्ती के निषेध की भ्रांति ✓ Correct
Dपरिणामी की पुष्टि की भ्रांति
Correct answer: (C) पूर्ववर्ती के निषेध की भ्रांति
Explanation

तर्क पूर्ववर्ती के निषेध से परिणामी के निषेध का अवैध अनुमान करता है।

सशर्त कथन है 'यदि स्नेहा ने छेड़छाड़ की, तो वह दोषी है।'

दूसरा आधार-वाक्य यह कहकर पूर्ववर्ती का निषेध करता है कि उसने छेड़छाड़ नहीं की।

उसे निर्दोष निष्कर्ष निकालना इस बात की उपेक्षा करता है कि दोष अन्य कारणों से भी उठ सकता है।

पूर्ववर्ती का निषेध कर फिर परिणामी का निषेध करना पूर्ववर्ती के निषेध की भ्रांति है।

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