यदि आप यह निष्कर्ष निकालना चाहते हैं कि किसी दिए चर का दूसरे चर से कारण-संबंध है, तो आपको अन्य संभावित कारण-चरों को अलग करने में सक्षम होना चाहिए। यहाँ सम्मिलित कारणता का सिद्धांत है
Aकारण-अस्पष्टता नियम
Bकालिक पूर्वता नियम
Cसहप्रसरण नियम
Dआंतरिक वैधता नियम ✓ Correct
Correct answer: (D) आंतरिक वैधता नियम
Explanation
अन्य संभावित कारण-चरों को अलग करना कारणता के आंतरिक वैधता नियम पर टिका है।
आंतरिक वैधता यह दावा सुरक्षित करती है कि प्रभाव नामित कारण से है, न कि सहभ्रामकों से।
कालिक पूर्वता नियम माँगता है कि कारण प्रभाव से पहले घटित हो, जो भिन्न शर्त है।
सहप्रसरण नियम माँगता है कि कारण और प्रभाव साथ-साथ बदलें, यह भी अलग आवश्यकता है।
कारण-अस्पष्टता तो टालने योग्य समस्या है, कारणता स्थापित करने वाला सिद्धांत नहीं।
सहप्रसरण, कालक्रम और अ-सहभ्रामकता मिलकर कारण-निष्कर्ष की उत्कृष्ट शर्तें हैं।
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