एक अनुसंधान में कुल जनसंख्या छोटी है। प्रत्येक तत्व को अलग-अलग पर्चियों पर क्रमांकित किया जाता है, सभी पर्चियाँ एक डिब्बे में डाली जाती हैं, और शोधकर्ता बिना देखे एक-एक कर उन्हें तब तक निकालता है जब तक अभीष्ट प्रतिदर्श-आकार न मिल जाए। यह तकनीक कहलाती है
Aहिमगोला प्रतिचयन विधि
Bफिशबोल प्रतिचयन विधि (fishbowl sampling) ✓ Correct
Cस्तरित प्रतिचयन विधि
Dगुच्छ प्रतिचयन विधि
Correct answer: (B) फिशबोल प्रतिचयन विधि (fishbowl sampling)
Explanation
इकाइयों को पर्चियों पर क्रमांकित कर, डिब्बे में मिलाकर, बिना देखे खींचना फिशबोल प्रतिचयन विधि है।
हिमगोला प्रतिचयन संदर्भों के माध्यम से नए प्रतिभागी जोड़ता है, पर्चियाँ खींचकर नहीं।
स्तरित प्रतिचयन चयन से पहले समष्टि को स्तरों में बाँटता है।
गुच्छ प्रतिचयन प्राकृतिक रूप से विद्यमान पूरे समूह खींचता है, अलग-अलग पर्चियाँ नहीं।
फिशबोल विधि सरल यादृच्छिक प्रतिचयन करने का एक सरल भौतिक तरीका है।
यह छोटी, प्रबंधनीय समष्टि के अनुकूल है जहाँ प्रत्येक इकाई पर्ची पर सूचीबद्ध हो सके।
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