किसी अध्ययन में, जब शोधकर्ता की आयु, लिंग या नस्ल प्रतिभागी के व्यवहार को प्रभावित करती है, तो इसे कहते हैं:
Aजैव-सामाजिक प्रभाव (biosocial effect) ✓ Correct
Bमनो-सामाजिक प्रभाव
Cहॉथोर्न प्रभाव
Dमूल्यांकन आशंका
Correct answer: (A) जैव-सामाजिक प्रभाव (biosocial effect)
Explanation
जब शोधकर्ता की आयु, लिंग या नस्ल प्रतिभागी के व्यवहार को बदल देती है, तो इसे जैव-सामाजिक प्रभाव (biosocial effect) कहते हैं।
जैव-सामाजिक प्रभाव प्रयोगकर्ता के दृश्य जैविक और सामाजिक लक्षणों के प्रतिक्रियाओं को प्रभावित करने से उत्पन्न होते हैं।
मनो-सामाजिक प्रभाव व्यापक मानसिक और सामाजिक कारकों को दर्शाता है, विशेषतः शोधकर्ता के अपने लक्षणों को नहीं।
हॉथोर्न प्रभाव तब है जब लोग केवल इसलिए व्यवहार बदल देते हैं कि उन्हें देखे जाने का पता होता है।
मूल्यांकन आशंका आँके जाने की चिंता है, जो अध्ययन में निष्पादन विकृत कर सकती है।
ऐसे प्रयोगकर्ता प्रभाव व्यवहारपरक शोध की वैधता के लिए ख़तरा हैं।
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