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स्नातकोत्तर स्तर पर और व्यावसायिक अध्ययन के स्तर पर मूल्य-उन्मुख (value-oriented) पाठ्यक्रम को जारी रखने और सुदृढ़ करने की आवश्यकता और भी अधिक महत्त्वपूर्ण मानी जा सकती है। इन स्तरों पर प्रशिक्षित अधिकांश विद्यार्थी व्यापार और उद्योग के नेता, तकनीकी-विशेषज्ञ, विचार-नेता, शिक्षक और शिक्षाविद, शोधकर्ता, पेशेवर, राजनीतिक नेता और समाजसेवी बनने की संभावना रखते हैं, साथ ही अन्य सभी लोगों की तरह नागरिक और परिवार-सदस्य की अपनी सामान्य भूमिकाएँ भी निभाते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि उनमें से अधिकांश, 3 से 6 वर्ष के अध्ययन के बाद महाविद्यालय छोड़ते समय, स्वतंत्रता और मानव-गरिमा के मूल्यों, करोड़ों निर्धन और वंचित लोगों के लिए भोजन, सुरक्षा और स्वास्थ्य-देखभाल के मूल्य, समाजों के प्रबंधन और अनेक समस्याओं के समाधान हेतु सही सार्वजनिक नीतियों के महत्त्व, तथा उचित मानवीय संबंधों और व्यक्तिगत जीवन-शैलियों के महत्त्व की अल्प समझ रखते हैं।

किंतु उनमें से एक बड़ी संख्या अब उच्च स्तर का आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान अर्जित करने के अवसर पा रही है, विशेषकर हमारे कुछ उत्कृष्टता-संस्थानों में, जो विकसित देशों के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के समतुल्य हैं। किंतु हमारे समाज के निर्धन और वंचित समूहों के लिए इस प्रकार के आधुनिक ज्ञान तक अपर्याप्त पहुँच की समस्या एक गंभीर सामाजिक और नैतिक मुद्दा है।

उचित दिशा में पाठ्यक्रम-सुधार और पुनर्निर्माण शिक्षाविदों और शैक्षिक योजनाकारों की सक्रिय चिंता होनी चाहिए, क्योंकि, जैसा कि 1986 के राष्ट्रीय नीति दस्तावेज़ में बताया गया, यह सामाजिक और नैतिक मूल्यों की खेती हेतु एक सशक्त उपकरण हो सकता है। हमारे सांस्कृतिक रूप से बहुल समाज में, शिक्षा को सार्वभौमिक और शाश्वत मूल्यों का पोषण करना चाहिए, जो हमारे लोगों की एकता और एकीकरण की ओर उन्मुख हों। ऐसी मूल्य-शिक्षा को अंधविश्वास, धार्मिक कट्टरता, हिंसा, वहम और भाग्यवाद को समाप्त करना चाहिए।

उच्च शिक्षा में, प्रबल मूल्य-उन्मुखता को बढ़ावा देने के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

Aविद्यार्थियों को उच्च स्तर का वैज्ञानिक ज्ञान अर्जित करने के अवसर देना
Bमूल्यों के विकास हेतु एक नीति तैयार की जाए
Cअंतर-अनुशासनिक समकालीन सामाजिक-आर्थिक समस्याओं से संबंधित पाठ्यक्रम प्रदान करना ✓ Correct
Dविश्वविद्यालयों को प्रौद्योगिकीय आयामों को समृद्ध करने का लक्ष्य रखना चाहिए
Correct answer: (C) अंतर-अनुशासनिक समकालीन सामाजिक-आर्थिक समस्याओं से संबंधित पाठ्यक्रम प्रदान करना
Explanation

समकालीन सामाजिक-आर्थिक समस्याओं पर पाठ्यक्रम प्रदान करना सही है, अतः यही उत्तर है।

गद्यांश एक ऐसा मूल्य-उन्मुख पाठ्यक्रम चाहता है जो वास्तविक सामाजिक और आर्थिक सरोकारों को छुए।

यह उल्लेख करता है कि विद्यार्थी प्रायः निर्धन और वंचित की समस्याओं की अल्प समझ के साथ निकलते हैं।

अतः अंतर-अनुशासनिक समकालीन सामाजिक-आर्थिक समस्याओं पर पाठ्यक्रम इस मूल्य-उन्मुखता की पूर्ति करते हैं।

वैज्ञानिक ज्ञान अर्जित करना और प्रौद्योगिकी समृद्ध करना पहले से हो रहा है और मूल्य-सरोकार नहीं है।

केवल एक नीति तैयार करना यहाँ बल का विषय नहीं, अतः उत्तर ऐसे सामाजिक-आर्थिक पाठ्यक्रम प्रदान करना है।

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