निगमनात्मक विधि में, एक अनुसंधानकर्ता निम्नलिखित में से किससे अपना कार्य आरंभ कर सकता है?
1.नीति कथन
2.अनुसंधानकर्ता की सामाजिक पहचान
3.सैद्धांतिक अभिधारणाएँ
4.अन्वेषी आँकड़े
5.परिकल्पना निकालकर
Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 1, 4 और 5
Cकेवल 2, 4 और 5
Dकेवल 3, 4 और 5 ✓ Correct
Correct answer: (D) केवल 3, 4 और 5
Explanation
निगमनात्मक विधि में कार्य सैद्धांतिक अभिधारणाओं, उपलब्ध अन्वेषी आँकड़ों और परिकल्पना की व्युत्पत्ति से आरंभ किया जा सकता है।
निगमन स्थापित सिद्धांत से आरंभ होता है, अतएव सैद्धांतिक अभिधारणाएँ स्वाभाविक प्रारंभ बिंदु हैं।
उस सिद्धांत से परिकल्पना निकालना परीक्षण हेतु विशिष्ट प्रस्थापना निर्धारित करता है।
उपलब्ध अन्वेषी आँकड़े औपचारिक परीक्षण से पूर्व सिद्धांत को गढ़ने में सहायक हो सकते हैं।
नीति कथन व्यावहारिक निर्देश हैं, निगमन की सैद्धांतिक प्रारंभिक सामग्री नहीं।
अनुसंधानकर्ता की सामाजिक पहचान एक आत्मपरावर्ती चिंता है, निगमनात्मक अध्ययन का प्रारंभ बिंदु नहीं।
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