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किन स्थितियों में कार्ल पीयर्सन के सहसम्बन्ध गुणांक का परिकलन किया जा सकता है?

1.यदि दोनों चरों के माध्य बराबर हैं।
2.यदि एक चर को अन्तराल पैमाने और दूसरे को क्रमसूचक पैमाने पर मापा जाता है।
3.यदि दो चरों के बीच रैखिक सम्बन्ध है।
4.यदि दोनों चरों के लिए आँकड़े अन्तराल अथवा अनुपात पैमाने पर प्राप्त होते हैं।
5.यदि दोनों चरों के बीच सम्बन्ध की दिशा ज्ञात है।
Aकेवल 3 और 4 ✓ Correct
Bकेवल 3, 4 और 5
Cकेवल 2, 4 और 5
Dकेवल 1, 3 और 5
Correct answer: (A) केवल 3 और 4
Explanation

कार्ल पीयर्सन सहसंबंध का परिकलन तब हो सकता है जब दोनों चरों के बीच रैखिक संबंध हो व दोनों अंतराल या अनुपात मापनी पर मापे गए हों, अतः कथन 3 व 4 लागू होते हैं।

दोनों चरों के माध्य बराबर होना पीयर्सन सहसंबंध की शर्त नहीं है।

एक चर को अंतराल व दूसरे को क्रमसूचक मापनी पर मापना कोटि सहसंबंध हेतु उपयुक्त है, पीयर्सन हेतु नहीं।

संबंध की दिशा का पूर्व ज्ञान कोई पूर्वशर्त नहीं है।

पीयर्सन r रैखिक सहचर्य की प्रबलता व दिशा मापता है।

विशुद्ध क्रमसूचक डाटा हेतु इसके स्थान पर स्पीयरमैन कोटि सहसंबंध प्रयुक्त होता है।

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