सूची-I (न्यायवाक्य का अवयव) का सूची-II (कथन) से मिलान कीजिए और नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
List I
i.उपनय
ii.निगमन
iii.उदाहरण
iv.प्रतिज्ञा
List II
a.जो भी मनुष्य है वह मरणशील है, जैसे पाइथागोरस
b.सुकरात मरणशील है
c.सुकरात एक मनुष्य है जो अनिवार्यतः मरणशील है
d.अतः सुकरात मरणशील है
Ai-a, ii-b, iii-c, iv-d
Bi-c, ii-d, iii-a, iv-b ✓ Correct
Ci-b, ii-c, iii-d, iv-a
Di-d, ii-a, iii-b, iv-c
Correct answer: (B) i-c, ii-d, iii-a, iv-b
Explanation
अवयव क्रमशः उपनय, निगमन, उदाहरण और प्रतिज्ञा के रूप में अपने-अपने कथनों से मिलते हैं।
उपनय अनुप्रयोग चरण है, "सुकरात एक मनुष्य है जो अनिवार्यतः मरणशील है", जो स्थिति को नियम के अंतर्गत लाता है।
निगमन अंतिम निष्कर्ष है, "अतः सुकरात मरणशील है"।
उदाहरण सार्वभौमिक नियम को एक दृष्टांत के साथ कहता है, "जो भी मनुष्य है वह मरणशील है, जैसे पाइथागोरस"।
प्रतिज्ञा सिद्ध की जाने वाली प्रारंभिक थीसिस है, "सुकरात मरणशील है"।
अतः उपनय अनिवार्य-मनुष्य पंक्ति से, निगमन अतः-पंक्ति से, उदाहरण सार्वभौमिक से, प्रतिज्ञा सादे कथन से जुड़ता है।
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