संख्या 3 एक अभाज्य संख्या है, वैसे ही संख्या 5 और 7 भी; अतः यह स्पष्ट है कि सभी विषम संख्याएँ अभाज्य संख्याएँ हैं। उपर्युक्त तर्क में कौन-सी भ्रांति की गई है?
Aमुद्दा चूकना (missing the point)
Bअसंगत निष्कर्ष (irrelevant conclusion)
Cजल्दबाज़ी में सामान्यीकरण (hasty generalisation) ✓ Correct
Dफिसलन ढाल (slippery slope)
Correct answer: (C) जल्दबाज़ी में सामान्यीकरण (hasty generalisation)
Explanation
तर्क तीन विषम अभाज्यों से सभी विषम संख्याओं के बारे में एक व्यापक दावे तक छलांग लगाता है।
यह बताता है कि तीन, पाँच और सात अभाज्य संख्याएँ हैं।
इन कुछ उदाहरणों से यह निष्कर्ष निकालता है कि प्रत्येक विषम संख्या अभाज्य है।
मुट्ठीभर उदाहरण किसी सार्वत्रिक सामान्यीकरण को सिद्ध नहीं कर सकते, और नौ इसे पहले ही तोड़ देता है।
बहुत कम उदाहरणों से व्यापक निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी में सामान्यीकरण (hasty generalisation) भ्रांति है।
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