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'मानस का हंस' उपन्यास के आधार पर निम्न में से कौन से कथन सही हैं?

1.थोड़ी देर तक तो उन्हें अपने मस्तिष्क की सनसनाहट और हृदय की धड़कनों के आगे बहुत कुछ सुनाई देने लगा। फिर मन मचलने लगा, पत्नी की लुभावनी काया का स्पर्श उन्हें आनंदित करने लगा।
2.प्रेमाश्रु और ज्ञानी बहावे? अरे, भरी जवानी में हमारी दुइ-दुइ पत्नियाँ मरीं, और कैसी रहीं कि रस की गगरियाँ, मदनमोहिनी, जिन पर आठों पहर हम प्रेम से अपने प्राण निछावर करते रहे पर हम एक्को आँसू न बहाय।
3.अहंकार और उससे उत्पन्न होने वाले सुखों-दुखों की ओर ध्यान देने से ही अब काम चलेगा तुलसीदास। चाकर की अपनी भी कोई इच्छा होती है।
4.मैं जब चाहूं किसी भी छंद में रस और भावों की, असमानता की व्याख्या नहीं करूंगा क्योंकि यह मेरी कमाई हुई सिद्ध नहीं है, आज की है।
5.तुम कवि लोग अपनी कल्पनाशीलता में अति पर पहुंच जाते हो। यह शकुन शुभ न होते तो पुराने ज्योतिषाचार्य लोग क्या यों ही इन्हें गिना जाते?
Aकेवल 1, 4
Bकेवल 3, 2
Cकेवल 2, 5
Dकेवल 2, 1
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