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गुणात्मक शोध का अर्थ उस शोध रणनीति के रूप में माना जा सकता है जो / जिसमें:

Aसिद्धांत और शोध के बीच के संबंध का निगमनात्मक उपागम शामिल है
Bनैसर्गिक वैज्ञानिक मॉडल के व्यवहार और मानदंड शामिल होते हैं
Cव्यक्ति के सृजन की निरंतर परिवर्तनशील उद्भामी विशेषता के रूप में सामाजिक यथार्थ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप प्रदान करता है ✓ Correct
Dबाह्य वस्तुनिष्ठ यथार्थ के रूप में सामाजिक यथार्थ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप प्रदान करता है
Correct answer: (C) व्यक्ति के सृजन की निरंतर परिवर्तनशील उद्भामी विशेषता के रूप में सामाजिक यथार्थ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप प्रदान करता है
Explanation

गुणात्मक शोध सामाजिक यथार्थ को व्यक्तियों के सृजन की निरंतर परिवर्तनशील उद्भामी विशेषता के रूप में मूर्त करता है।

सिद्धांत व शोध के प्रति निगमनात्मक उपागम अपनाना परिमाणात्मक, न कि गुणात्मक, रणनीति का वर्णन है।

प्राकृतिक वैज्ञानिक मॉडल के व्यवहार व मानदंड अपनाना भी परिमाणात्मक विशेषता है।

सामाजिक यथार्थ को बाह्य वस्तुनिष्ठ यथार्थ मानना वस्तुनिष्ठतावादी, परिमाणात्मक रुख है।

निर्मितिवादी सत्ताशास्त्र सामाजिक परिघटनाओं को सामाजिक कर्ताओं द्वारा निरंतर उत्पादित मानता है।

गुणात्मक शोध इसे सिद्धांत के आगमनात्मक, निर्वचनात्मक उपागम से जोड़ता है।

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