बुद्ध के चार आर्य सत्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही रूप में लागू नहीं होता?
Aदुक्ख, घटना-जगत में अस्तित्व से असंतोष
Bतृष्णा या इच्छा में दुक्ख की उत्पत्ति
Cदुक्ख का निरोध
Dचतुर्विध मार्ग के अनुसरण से उस निरोध का उपाय ✓ Correct
Correct answer: (D) चतुर्विध मार्ग के अनुसरण से उस निरोध का उपाय
Explanation
जो कथन "चतुर्विध मार्ग" का नाम लेता है वह सही रूप में लागू नहीं होता।
प्रथम तीन सत्य हैं दुक्ख, तृष्णा में उसकी उत्पत्ति, और उसका निरोध।
चौथा सत्य उस निरोध की ओर ले जाने वाला मार्ग है।
वह मार्ग आर्य अष्टांगिक मार्ग है, जिसके आठ अंग हैं, चार नहीं।
इसे चतुर्विध मार्ग कहना चौथे आर्य सत्य का ग़लत कथन है।
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