वन के नियामक (regulatory) कार्य हैं:
1.ईंधन-काष्ठ का उत्पादन
2.गैसीय संतुलन बनाए रखना
3.प्रदूषण से बचाव
4.जलवायु का नियंत्रण
5.जलचक्र का नियमन
Aकेवल 1, 3 और 4
Bकेवल 2, 4 और 5 ✓ Correct
Cकेवल 1, 2 और 4
Dकेवल 3, 4 और 5
Correct answer: (B) केवल 2, 4 और 5
Explanation
वन के नियामक कार्य हैं गैसीय संतुलन बनाए रखना, जलवायु का नियंत्रण और जलचक्र का नियमन।
कथन 1, ईंधन-काष्ठ का उत्पादन, एक उत्पादक या प्रदायी कार्य है, नियामक नहीं।
कथन 2, गैसीय संतुलन बनाए रखना, नियामक है क्योंकि वन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड को संतुलित करते हैं।
कथन 3, प्रदूषण से बचाव, यहाँ नियामक के बजाय रक्षात्मक कार्य माना गया है।
कथन 4, जलवायु का नियंत्रण, नियामक है क्योंकि वन तापमान और वर्षा को संतुलित करते हैं।
कथन 5, जलचक्र का नियमन, नियामक है क्योंकि वन जल-प्रवाह और पुनर्भरण को नियंत्रित करते हैं।
वन मृदा निर्माण और पोषक चक्रण जैसी सहायक सेवाएँ भी देते हैं।
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