सतत अपशिष्ट-प्रबंधन किसके माध्यम से प्राप्त होता है: A. आवश्यक तकनीकों हेतु लोगों को प्रशिक्षण, B. संस्थागत ढाँचे का विकास, C. ऑनलाइन खरीदारी, D. कानून, नीतियाँ और नियम बनाना, E. समुदाय-आधारित साझेदारियाँ विकसित करना। सही उत्तर चुनिए।
सतत अपशिष्ट-प्रबंधन आवश्यक तकनीकों में लोगों के प्रशिक्षण, संस्थागत ढाँचे के निर्माण, कानून, नीतियों व नियमों के निर्माण और समुदाय-आधारित साझेदारियों के विकास पर टिका है।
प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को संग्रह, पृथक्करण और उपचार प्रणालियाँ चलाने योग्य बनाता है।
संस्थागत ढाँचा एजेंसियों के बीच उत्तरदायित्व और समन्वय तय करता है।
कानून, नीतियाँ और नियम रख-रखाव तथा निपटान के लिए लागू-योग्य मानक तय करते हैं।
समुदाय-आधारित साझेदारियाँ घरों और स्थानीय समूहों को स्रोत पर पृथक्करण में जोड़ती हैं।
ऑनलाइन खरीदारी मात्र एक उपभोक्ता गतिविधि है और अपशिष्ट-प्रबंधन में इसकी कोई भूमिका नहीं।
न्यूनीकरण, पुनर्प्रयोग और पुनर्चक्रण की श्रेणीक्रम इन सभी उपायों का आधार है।
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