लवण प्रवणता (salt gradient) की अवधारणा का उपयोग निम्नलिखित में से किस सौर ऊर्जा संग्रहण प्रणाली में ऊष्मा ऊर्जा संचित करने हेतु किया जाता है?
Aसौर तापीय संग्राहक (solar thermal collectors)
Bसौर सेल (solar cells)
Cसौर तालाब (solar ponds) ✓ Correct
Dसौर भट्टी (solar furnace)
Correct answer: (C) सौर तालाब (solar ponds)
Explanation
सौर तालाब लवण प्रवणता का उपयोग करता है जिससे तल पर घना नमकीन जल ऊष्मा को रोककर संचित करता है।
भारी लवणीय परत संवहन से ऊपर नहीं उठ पाती, जिससे तल उच्च तापमान तक पहुँच जाता है।
सौर तापीय संग्राहक सतह पर ऊष्मा एकत्र करते हैं पर उसे संचित करने के लिए लवण प्रवणता पर निर्भर नहीं रहते।
सौर सेल प्रकाश को सीधे विद्युत में बदलते हैं और इस रूप में कोई ऊष्मा ऊर्जा संचित नहीं करते।
सौर भट्टी दर्पणों से सूर्य के प्रकाश को केंद्रित कर बहुत उच्च तापमान पाती है, लवणता परतबंदी से नहीं।
सौर तालाब की संचित निम्न-कोटि ऊष्मा टरबाइन चला सकती है या स्थान तापन प्रदान कर सकती है।
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