परिवहन विभाग एक सड़क-सुरक्षा अभियान आरंभ करने की योजना बना रहा है जिसमें स्थानीय निवासी कल्याण संघ, बाज़ार हितधारक, स्कूली बच्चे और समाज प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। अभियान के भाग के रूप में जिलाधिकारी स्थानीय लोगों की सहमति से बढ़ती दुर्घटनाओं से निपटने की योजनाएँ बनाएँगे।
यह निर्णय एक सरकारी अध्ययन के बाद लिया गया जिसमें पाया गया कि स्कूलों, मेट्रो स्टेशनों और वाणिज्यिक स्थलों वाले पैदल-यात्री-बहुल क्षेत्रों से गुज़रने वाले सड़क-खंड दुर्घटनाओं के प्रति अधिक प्रवण थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि करोड़ों के धन, जो सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु थे, उपयोग नहीं किए जा रहे थे। अभियान का केंद्र होगा ब्लैक स्पॉट पहचानना और सुधारना, गति-सीमाओं की पुनर्समीक्षा, सड़क-सुरक्षा क्लब बनाना, रणनीतिक स्थानों पर एआई कैमरे लगाना, हेलमेट-उपयोग को प्रोत्साहित करना, उच्च-जोखिम स्थानों पर गति जाँचना और अधिभारित वाणिज्यिक वाहनों को नियंत्रित करना, अधिकारी ने समझाया।
दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं से मृत्यु 2021 में कुल 1239 रहीं, जो पिछले वर्ष की 1196 मृत्यु से वृद्धि है, नगर की यातायात पुलिस द्वारा तैयार दिल्ली क्रैश रिपोर्ट 2021 के अनुसार। पैदल-यात्री मृत्यु कुल मृत्यु का 40% से अधिक थीं।
सरकारी अध्ययन में पाया गया कि अधिक दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र थे
दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र पैदल-यात्री-बहुल क्षेत्र थे, इसलिए उत्तर पैदल-यात्री-बहुल क्षेत्र है।
अनुच्छेद कहता है कि अध्ययन में पाया गया कि पैदल-यात्री-बहुल क्षेत्रों से गुज़रने वाले सड़क-खंड दुर्घटनाओं के प्रति अधिक प्रवण थे।
इन क्षेत्रों के निकट स्कूल, मेट्रो स्टेशन और वाणिज्यिक स्थल होते हैं।
अतः भारी पैदल-यात्री आवाजाही वहाँ दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाती है।
मुख्य सड़कें, परिधीय सड़कें और राजमार्ग प्रवण क्षेत्रों के रूप में नामित नहीं हैं।
अध्ययन ने विशेष रूप से पैदल-यात्री-बहुल खंडों की ओर संकेत किया।
अतः सही उत्तर पैदल-यात्री-बहुल क्षेत्र है।
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