निम्नलिखित गद्यांश को सावधानीपूर्वक पढ़िए व उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: क्या अधिक शिक्षा वृहत्तर लोकतंत्र की ओर ले जाती है? अथवा क्या अधिक लोकतांत्रिक देश अपने नागरिकों को शिक्षित करने में उत्तम हैं?
एन बी ई आर के एक हाल के आलेख में छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए यादृच्छिक रूप से चुनी गई 69 प्राथमिक विद्यालयों की केन्याई लड़कियों के एक समूह की कोई वित्तीय सहायता न पाने वाले विद्यालयों के इसी प्रकार के विद्यार्थियों से तुलना की गई है। विगत अध्ययनों ने दर्शाया था कि छात्रवृत्ति कार्यक्रम के चलते परीक्षा में ऊँचे अंक प्राप्त होते हैं और लड़कियों के माध्यमिक विद्यालय में दाखिले की संभावना बढ़ जाती है।
कुल मिलाकर, इससे शिक्षा प्राप्ति की प्रमात्रा में महत्त्वपूर्ण वृद्धि हुई। नए अध्ययन के लिए, लेखकों ने यह देखने का प्रयास किया कि इस अतिरिक्त स्कूली शिक्षा ने अध्यधीन महिलाओं की राजनीतिक व सामाजिक अभिवृत्तियों को किस प्रकार से प्रभावित किया है। परिणामों से पता चलता है कि शिक्षा ने लोगों को अपने जीवन में सुधार करने में अधिक रूचि लेने वाला बेशक बनाया हो, परन्तु आवश्यक नहीं है कि वे लोकतंत्र को ऐसा करने के एक माध्यम के रूप में देखें।
स्थापित लोकतांत्रिक देशों में भी अधिक शिक्षा का अर्थ हमेशा ही लोकतंत्र में अधिक सक्रिय राजनीतिक भागीदारी अथवा अधिक विश्वास नहीं होता है। अधिक गरीब और कम शिक्षित लोग बहुधा अपने अधिक शिक्षित देशवासियों की अपेक्षा बड़ी संख्या में मतदान के लिए आते हैं जो बहुधा लोकतंत्र की गंदगी के प्रति तिरस्कार व्यक्त करते हैं और ऐसी सरकार के प्रति ललक दिखाते हैं जो भ्रष्ट लोगों से सख्ती से निपटे और सत्तावादी चीन की भांति अत्यधिक तेज रफ्तार से राजमार्ग, रेल लाइनें व पुल बनाए।
एन बी ई आर के आलेख में निम्न में से किस प्रतिचयन प्रविधि के माध्यम से बालिका विद्यार्थियों का सैंपल के रूप में चयन किया गया था?
गद्यांश कहता है कि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए यादृच्छिक रूप से चुना गया था, अतः प्रयुक्त प्रतिचयन प्रविधि यादृच्छिक प्रतिचयन थी।
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