'व्याख्या विरोधाभास' (interpretation paradox) शब्द सामान्यतः किसमें प्रयुक्त होता है?
Aऐतिहासिक शोध
Bअंतर-सांस्कृतिक शोध (cross-cultural research) ✓ Correct
Cअंतर्वस्तु विश्लेषण
Dनैतिक शोध
Correct answer: (B) अंतर-सांस्कृतिक शोध (cross-cultural research)
Explanation
व्याख्या विरोधाभास सामान्यतः अंतर-सांस्कृतिक शोध में उठने वाली एक चिंता है।
यह तब उत्पन्न होता है जब एक ही व्यवहार विभिन्न संस्कृतियों में भिन्न अर्थ रखता है।
ऐतिहासिक शोध अतीत की घटनाओं का अध्ययन करता है और इस विरोधाभास पर केंद्रित नहीं है।
अंतर्वस्तु विश्लेषण संचार अंतर्वस्तु को कूटबद्ध करता है, सांस्कृतिक अर्थ-संघर्षों को नहीं।
नैतिक शोध अधिकारों और कल्याण से संबंधित है, जो एक अलग विषय है।
एमिक और एटिक (emic और etic) दृष्टिकोण ऐसी अंतर-सांस्कृतिक व्याख्या समस्याओं को गढ़ते हैं।
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