न्याय दर्शन का परम उद्देश्य है
Aवास्तविकता के अज्ञान से उत्पन्न मानव-दुख का अंत करना ✓ Correct
Bव्यक्ति को समस्त भौतिक धन से सुखी बनाना
Cव्यक्ति को हर संभव प्रकार से सुखी बनाना
Dउपर्युक्त सभी
Correct answer: (A) वास्तविकता के अज्ञान से उत्पन्न मानव-दुख का अंत करना
Explanation
न्याय का परम लक्ष्य वास्तविकता के अज्ञान से उत्पन्न दुख का अंत करना है।
न्याय मानता है कि मिथ्या ज्ञान व्यक्ति को दुख के चक्र में बाँधता है।
पदार्थों का यथार्थ ज्ञान इस मिथ्या बोध को दूर करता है।
अज्ञान के नष्ट होने पर मिथ्या क्रिया और पुनर्जन्म समाप्त होते हैं।
यह मुक्ति, अपवर्ग, समस्त दुख से छुटकारा है।
अतः यथार्थ ज्ञान साधन है और दुख से मुक्ति लक्ष्य है।
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