McqkartGet appPractise

विधि हेतु धर्म पद का प्रयोग, तथापि, न तो सार्विक था न ही अपरिहार्य। यह प्रथम शताब्दी सी ई के लेखक कौटिल्य के संग्रह ट्रीटाइज ऑन पॉलिटिक्स (अर्थशास्त्र) से सिद्ध होता है।

भारत में विधि के इतिहास हेतु कौटिल्य की कृति का महत्व प्रथमतः इस तथ्य पर आधारित है कि यह उस इतिहास में एक भिन्न तथा कई मायनों में एक अनुपम दृष्टि प्रदान करती है। उनकी पुस्तक एक भिन्न शास्त्रीय परंपरा से संबंधित है जिसकी सामाजिक और राजनीतिक प्राथमिकताएँ ब्राह्मणी शास्त्रीय परंपरा के भीतर न्यायशास्त्रीय चिंतन को समर्पित प्राथमिक विषय धर्म के विज्ञान (धर्मशास्त्र) से भिन्न हैं।

कौटिल्य समाज के भीतर विधियों की विविधता को धर्म की एकल श्रेणी में घटाने का कोई प्रयास नहीं करते। वास्तव में अर्थशास्त्र में हमें एक भी ऐसा सर्वांगसम पद नहीं मिलता जो स्वयं विधि की ओर, अथवा धर्म के विज्ञान के विमर्श में धर्म पद द्वारा आच्छादित धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष मानकों के व्यापक क्षेत्रों की ओर संकेत करता हो।

तथापि यह स्पष्ट है कि कौटिल्य प्रत्यक्षतः तथा इतरोक्ति में विधि की बहुलता का पक्ष लेते हैं; विधि एक नहीं बल्कि बहुल है। यद्यपि उनकी कृति धर्म के विज्ञान के आरंभिक प्रलेखों की तुलना में बाद की है, तथापि यह एक वैकल्पिक बौद्धिक इतिहास को खँगालती है जो संभवतः धर्म के विज्ञान द्वारा प्रदर्शित इतिहास के समांतर चलता था।

कौटिल्य की कृति निम्नलिखित में से किस कारण महत्वपूर्ण है:

Aयह विधि के इतिहास के समग्र दृष्टिकोण के रूप में कार्य करती है।
Bयह भारत में विधि के इतिहास के एक वैकल्पिक दृष्टिकोण के रूप में कार्य करती है। ✓ Correct
Cयह एक विद्वान के दृष्टिकोण के रूप में कार्य करती है जो धर्म के विज्ञान के समान है।
Dयह एक ऐसे परिप्रेक्ष्य के रूप में कार्य करती है जो उनके समय के समकालीन धर्म संबंधी विचारों से मेल खाता है।
Correct answer: (B) यह भारत में विधि के इतिहास के एक वैकल्पिक दृष्टिकोण के रूप में कार्य करती है।
Explanation

गद्यांश इस बात पर बल देता है कि कौटिल्य विधि के इतिहास पर एक भिन्न और अनुपम दृष्टि देते हैं तथा धर्म के विज्ञान के समांतर चलने वाले एक वैकल्पिक बौद्धिक इतिहास को खँगालते हैं। इससे उनकी कृति भारत में विधि के इतिहास के एक वैकल्पिक दृष्टिकोण के रूप में महत्वपूर्ण बनती है, जो विकल्प 2 है। यह न तो समग्र दृष्टि है, न धर्म के विज्ञान के समान, न ही केवल उनके समय के विचारों से मेल खाने वाली।

Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.

Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →